स्वास्थ्य इकाईयों में मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस

औरैया – प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत बुधवार को जिला चिकित्सालयों एवं ब्लाक स्तरीय चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इसमें दूसरे व तीसरे माह की गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी ब्लड प्रेशर समेत तमाम जांचें निःशुल्क हुईं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जाँच की जाती है। इसके द्वारा यह पता लगाया जाता है कि कहीं कोई गर्भवती महिला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में तो नहीं है।

सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, सहार के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश सिंह ने बताया कि लगभग 48 गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव-पूर्व) जाँच की गयी जिसमे 7 गर्भवती महिलायें एचआरपी (उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था) की चिन्हित की गयीं। जिन महिलाओं में जोखिम की संभावना मिली उनके मातृत्व एवं शिशु सुरक्षा कार्ड पर लाल रंग की बिंदी/एचआरपी (हाई रिस्क प्वाइंट) मोहर लगाकर चिन्हित किया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमे माँ या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। किसी भी गर्भावस्था में जहाँ जटिलताओं की संभावना अधिक होती है उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था में रखा जाता है।

रिपोर्ट – सुनील कुमार 

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