एक्सीलेंट टीचर आईकॉन अवॉर्ड 2019 से नवाजे गए मनोज

गोंडा। किसी भी व्यक्ति के जीवन में गुरु यानी शिक्षक का बहुत ही अधिक महत्व होता है। व्यक्ति को कुछ भी सिखाने और बताने वाला गुरु की श्रेणी में आता है। गुरु अर्थात शिक्षक हमें अनेक विषयों का ज्ञान देते हैं। वे इतिहास सिखाते हैं, उससे वे हमारा राष्ट्राभिमान जागृत करते हैं। हमें हमारे लिए नहीं, अपितु राष्ट्र हेतु जीना है। ऐसा व्यापक विचार गुरु ही हमें प्रदान करते हैं। भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि क्रांतिकारकों ने राष्ट्र हेतु प्राणार्पण किया। उनके अनुसार हमें त्याग करना चाहिए क्योंकि त्याग ही हमारे जीवन का मूल आधार है। यह ज्ञान की बाते हमें शिक्षक ही बताते हैं। जैसे मिट्टी के कच्चे बर्तन बगैर पके किसी काम के नहीं होते। उनके पकाने के बाद उपयोग लायक करने में कुंभार का विशेष महत्व होता है। वैसे ही हमारा जीवन कुंभाररूपी गुरु के बगैर किसी काम का नहीं है। आज भी समाज में ऐसे अनेक शिक्षक मौजूद है जो अपने कर्तव्यों का पालन नियमित रूप से मेंहनत और ईमानदारी से करके सौपी गई। जिम्मेदारियों को पूर्ण कर रहे है और उसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे है। ऐसे शिक्षको को अनेक संगठन, विभाग और समाजसेवी संस्थाये आये दिन सम्मानित भी करती रहती है।

इसी क्रम में इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के बहुचर्चित शिक्षक मनोज मिश्रा को एक्सीलेंट टीचर आइकॉन अवार्ड 2019 से नवाजा गया है। उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मनोज मिश्रा को यह प्रमाण पत्र प्रदान किया है। श्री मिश्र ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भीखमपुरवा में तैनात है। इस विद्द्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में भारत में अपनी एक अलग पहचान बना रखी है। इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र- छात्राओं के अंदर शिक्षा के साथ- साथ सामाजिक गतिविधियों की भी जानकारी यहां तैनात शिक्षक दे रहे हैं। बीते दिनों सुर्खियों में रहने के बाद उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकॉर्ड संस्था ने यहां के शिक्षक मनोज मिश्रा का चयन किया था। इनको 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर यह सम्मान प्रदान किया गया है।

रिपोर्ट
प्रदीप पाण्डेय

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