चौकिये मत यह झाड़ी नहीं हैवतपुर रजबहा की दुर्दशा है

बिसवां (सीतापुर)। प्रदेश सरकार किसानों के प्रति चिंतित हैं लेकिन क्या सिर्फ कागजों पर ही। सरकार जिम्मेदारों को किसानों की समस्याओं के लिए दिशा निर्देश देती हैं। बात हो रही है किसानों को अपनी फसल सींचने की। किसान अपनी फसल सींचे तो सींचे कैसे। बिसवां तहसील के अंतर्गत हैवतपुर रजबहा अपनी ही दुर्दशा पर आंसू बहा रही हैं। सरकार के जिम्मेदार लोग भले ही कागजो पर रजबहा की सफाई के नाम पर लाखों रुपयों का वारा न्यारा करते हो लेकिन हकीकत में सब शून्य है। किसानों को अपनी फसल की सिंचाई करने के लिए इस रजबहा मे पानी नहीं आया। वर्तमान समय में बारिश के अभाव में किसानों की धान की फसल सूख रही हैं। लेकिन हैबतपुर रजबहा में नही आ रहा है पानी।

नहर में पानी न मिलने के कारण राजाडीह, शेखनपुरवा, महमूद सरैया, मिर्जापुर, अमर नगर के किसान होते है प्रभावित। लेकिन सरकार के जिम्मेदार लोग सिर्फ कागजों पर नहर में पानी होना बताते हैं। किसानों को पानी न मिलने से धान की फसल सूख रही हैं। क्षेत्र के किसान शफीक खान, आलोक अवस्थी, अनूप यादव, अनूप अवस्थी, मुकुट बाजपेयी, अखिलेश अवस्थी, करीम अंसारी, काशीराम भार्गव, अब्दुल्ला, सागर, रमेश चौधरी, दिलीप भट्ट, शैलेन्द्र यादव, सर्वेश यादव, मुन्नी लाल पासी, जगदीश विमल ने सरकार के जिम्मेदारों से रजबहा में पानी छोड़े जाने की मांग की है जिससे किसान अपनी फसल की सिंचाई कर सके।

रिपोर्ट
अश्वनी कुमार त्रिपाठी

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