नये फैशन का दौर लेकर आयेंगे ‘खादी के जूते’

आगरा। ताजनगरी का फुटवियर उद्योग खादी ब्रांड और खादी के जूते से देश को एक नया नजरिया देंने की तैयारी में है। जल्द ही आप अपने पैरों में खादी के जूते पहन सकते हैं। भारत में सबसे बड़े जूता विनिर्माण हब अब खादी उत्पादों की एक श्रृंखला के साथ आया है। जिसमें चमड़े या सिंथेटिक सामान की बजाय, खादी के जूते आने वाले दिनों में नया फैशन का दौर लेकर आएंगे। शहर के निर्माताओं ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के प्रचार के लिए पीएम मोदी के ‘लोकल के लिए वोकल’ अभियान के बाद यह निर्णय लिया गया।

रंगीन ब्लॉक प्रिंट, कांथा सिलाई और मधुबनी प्रिंट ऐसे कई सैंपल उदाहरण के तौर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) को भेजे गए हैं। जो उत्पादन शुरू करने के लिए अंतिम डिजाइनों को मंजूरी देंगे। खादी के 26 जोड़ी जूतों को डिजाइन करने वाली श्रुति कौल ने बताया कि उनके द्वारा देश भर से उदाहरणों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये जूते हाथ से भी धोए जा सकेंगे।

आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा, हम अपना काम करना चाहते थे और फिर मौका मिला जब केवीआईसी ने हमसे खादी के जूते की एक श्रृंखला विकसित करने के लिए संपर्क किया। डावर ने कहा कि आगरा में जूता उद्योग घरेलू बाजार का 65% हिस्सा है। हम उत्पादन शुरू कर देंगे। खादी के जूते तैयार करने की अनुमति मिलने के बाद यह एक नया प्रयोग होगा।

निर्माताओं को उम्मीद है कि एक्सपोर्ट बाजार में भी जूते की अच्छी मांग होगी। पिछले वित्तीय वर्ष में, आगरा ने देश से कुल 4,000 करोड़ रुपये का फुटवियर निर्यात किया था। डावर ने कहा कि खादी विदेशों में लोकप्रिय है इसलिए इस कलेक्शन के हिट होने की संभावना है।

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