बारिश संग खिल उठे लोक कलाओं के रंग

लखनऊ –  राष्ट्रीय युवा उत्सव के चौथे दिन बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न प्रतियोगिताओं का समापन हुआ। युवा समागम और सुविचार के तहत राकेट वीमेन ऑफ इंडिया रितु करिधाल ने युवाओं में जोश भरने का काम किया। वहीं 150 युवा आइकन को राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने सम्मानित किया। बारिश के बावजूद युवाओं के जोश में कोई कमी नहीं थी।

विवेकानंद पंडाल में राष्ट्रीय युवा समागम एवं सुविचार प्रोग्राम में राकेट वीमेन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर राजधानी की इसरो साइंटिस्ट और मंगलयान की उप-संचालन निदेशक रितु करिधाल ने युवाओं में जोश भरा। उन्होंने बताया कि जब इसरो ने चंद्रयान-1 चांद पर भेजा तब दुनिया को पता चला कि चांद पर पानी है। यह एक बहुत बड़ी खोज थी। इसके साथ मंगलयान का मुख्य उद्देश्य भारत के राकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष यान के निर्माण और संचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए हैं। पहला उद्देश्य ग्रहों के बीच के लिए मिशन के संचालन, सैटेलाइट डिजाइन, योजना और प्रबंधन के लिए आवश्यक तकनीक का विकास करना है।

हेल्थ काउंसलर ट्विंकल कंसल ने कहा कि अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो फास्ट फूड को छोड़कर पारंपरिक चीजें जैसे सत्तू को अपने भोजन में शामिल करें। आजकल यूथ सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यस्त हो रहे हैं। यूथ ध्यान रखें कि सोने से एक घंटा पहले, खाना खाते समय और किसी से बात करते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें। वहीं फिटनेस विशेषज्ञ आरके विश्वजीत सिंह ने बताया कि अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो खुद को बदलें। एक्सरसाइज नशा मुक्ति का बेहतरीन साधन है।

राष्ट्रीय युवा उत्सव में चल रही प्रतियोगिताओं को बुधवार को समापन हो गया। आखिरी दिन एलोक्यूशन, शास्त्रीय एकल वादन में मृदंग व गिटार, क्लासिकल डांस में भरतनाट्य और हारमोनियम लाइट प्रतियोगिता हुई। राज्य मानवाधिकार भवन के ऑडिटोरियम में शास्त्रीय मृदंगम वादन में 13 राज्यों और शास्त्रीय गिटार वादन में 16 राज्यों के प्रतिभागियों ने भाग लिया, जहां पंजाब के प्रतिभागी सोहिल परिहार ने गिटार से ओ मेरी छम्मक छल्लों, की धुन छेड़ी तो युवाओं का जोश देखने लायक था।

राष्ट्रीय युवा उत्सव में 150 युवा आइकन को राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि हमारे पीएम हर किसी का मार्गदर्शन करते रहते हैं। फिट इंडिया का नारा युवाओं को नई दिशा दिखाने के लिए दिया गया है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। युवाओं को हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करते रहना चाहिये। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से घबराये नहीं, वो आते रहते हैं।

रिपोर्ट – ग्राम्य संदेश डेस्क

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