हर 24 घंटे में देनी होगी लोगों की मदद की रिपोर्ट

लखनऊ। जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करने में जुटी हुई है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा भेजे गए 235 करोड़ रुपये के हिसाब से जरूरतमंदों को मदद करनी है। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली नहीं चल पाएगी।

जिलाधिकारी को प्रत्येक 24 घंटे में इसकी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को भी देनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसकी जानकारी समय-समय पर राजस्व विभाग से प्राप्त कर रहे हैं।

राज्य सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किए जाने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंदों को हर संभव मदद का फैसला किया है। इसमें राशन देने के साथ उसे 1000 रुपये बैंक में भी दिया जाएगा। यह पैसा सीधे उसके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित किया जाएगा। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से इसके दायरे में आने वालों की सूची प्राप्त की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास विभाग और शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रमुख सचिव ग्राम विकास विभाग मनोज कुमार सिंह और प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार इस संबंध में लगातार विभाग अधिकारियों के साथ बैठकें भी कर रहे हैं। दोनों विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस योजना के दायरे में आने वाले जरूरतमंदों को राहत देने का अभियान तेज किया जाए।

इस योजना में दिया जाने वाला पैसा किसी भी कीमत पर नगद नहीं दिया जाएगा। पैसा देने के लिए बैंक खाता, आधार नंबर, के साथ वह क्या करता है और वहां कब से रहता है? इसका पूरा ब्योरा भी रखा जाएगा। इसकी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय प्रत्येक 24 घंटे पर दी जानी जरूरी है।

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