गोरखपुर में जल्द खुलेगा पहला निजी विश्वविद्यालय

गोरखपुर: मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और गोरक्षपीठ ने पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में सम्‍भावनाओं के नए द्वार खोलने का ताना-बाना बुन लिया है। इसी के तहत बहुत जल्द ही गोरखपुर को निजी क्षेत्र का पहला विश्‍वविद्यालय मिलने वाला है। बालापार रोड सोनबरसा में यह विवि तेजी से आकार ले रहा है। मंगलवार को इसका प्रस्‍ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया।

करीब दो सौ एकड़ के विशाल कैंपस और अत्‍याधुनिक संसाधनों से लैस यह विश्‍वविद्यालय अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार चिकित्‍सा, प्रौद्योगिकी, कृषि, वाणिज्‍य, कला सहित ज्ञान की विभिन्‍न शाखाओं में उत्‍कृष्‍ट शिक्षा, अध्‍ययन और शोध का केंद्र बनेगा। यही नहीं यहां इंसेफेलाइटिस, काला जार जैसी बीमारियों, बाढ़-भूकम्‍प जैसी आपदाओं और भूगर्भ से अंतरिक्ष तक की वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान भी तलाशे जाएंगे। इससे परम्‍परागत विषयों से अलग हटकर चिकित्‍सा, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, वाणिज्‍य, प्रबंधन, कृषि, आयुर्वेद, योग, कला,संस्‍कृति सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट शिक्षा के लिए पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के नौजवानों का भटकाव खत्‍म होगा। उनके लिए सम्‍भावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।

विश्‍वविद्यालय में एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बी फार्मा, डी फार्मा, पैरामेडिकल कोर्सेस, बीएससी यौगिक,बीएससी आईटी सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्‍साहित करने वाले दर्जनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी।

महायोगी गोरखनाथ विश्‍वविद्यालय की तैयारी मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की देखरेख में 2012 से चल रही थी। इस वक्‍त भी सोनबरसा में जोर-शोर से निर्माण कार्य जारी है। प्रशासनिक भवन,आयुर्वेदिक चिकित्‍सालय, पंचकर्म, नर्सिंग कालेज, महिला छात्रावास का निर्माण हो चुका है। नर्सिंग कालेज पहले से संचालित है। पुरुष छात्रावास, अतिथि भवन, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों के आवास आदि का काम भी अंतिम चरण में है।

महायोगी गोरखनाथ विश्‍वविद्यालय आरोग्‍यधाम में चरणबद्ध ढंग से पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। पहले चरण में आयुर्वेद, योग और नर्सिंग से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू होंगे। दूसरे चरण में फार्मेसी और पैरामेडिकल की पढ़ाई के साथ विशिष्‍ट अध्‍ययन और शोध का संस्‍थान शुरू होगा। तीसरे चरण में एलोपैथी जांच, परामर्श, उपचार और शोध के उत्‍कृष्‍ट संस्‍थान के साथ ही स्‍नातक, परास्‍नातक और उच्‍चस्‍तरीय पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाएगा। चौथे चरण में उच्‍च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा से जुड़े विशिष्‍ट पाठ्यक्रम और पांचवें चरण में दूर-दराज के गांवों में आरोग्‍यता के विशिष्‍ट केंद्रों की स्‍थापना की जाएगी।

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