मस्जिदों के बाहर संकल्प पत्र बांटेगी कांग्रेस, सपा के वोट बैंक पर सेंध लगाने की तैयारी

मुस्लिम वोटों को वापस अपने खाते में लाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस उत्तर प्रदेश  की करीब साढ़े आठ हजार मस्जिदों  के बाहर संकल्प पत्र बांटने का महा अभियान चलाएगी. शुक्रवार से शुरू यह अभियान 15 अक्टूबर तक चलेगा. अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम ने बताया कि 6 सितंबर को पार्टी के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में 16 सूत्रीय संकल्प पत्र जारी किया गया था जिसे शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों के बाहर बांटा जाएगा. कांग्रेस के इस महा अभियान को समाजवादी पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी की नजर से देखा जा रहा है.

यूपी की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक कांग्रेस के पाले में हुआ करता था लेकिन करीब तीन दशक से कांग्रेस न सिर्फ सत्ता से दूर है बल्कि मुस्लिमों से भी दूर हो गई है. कांग्रेस का यह वोट बैंक खिसककर समाजवादी पार्टी के पास जा चुका है. अब कांग्रेस अपने मुस्लिम वोट बैंक को वापस पाने के लिए हाथ पैर मार रही है. कांग्रेस के 16 सूत्रीय संकल्प पत्र में मुस्लिमों को तमाम रियासतों के साथ ही लुभावने वादे किए गए हैं. 

कांग्रेस के संकल्प पत्र में भाजपा और सपा सरकार के कार्यकाल में मुसलमानों के खिलाफ की गई तमाम कार्रवाइयों की जांच कराने के वादे शामिल हैं. यूपी में करीब 20 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं और 403 विधानसभा सीटों में 143 सीटों पर मुसलमानों का सीधा असर है. इसमें 70 सीटें ऐसी है जिसमें मुस्लिम आबादी 20 से 30 प्रतिशत है जबकि 73 सीटें ऐसी हैं जहां 30 फीसदी से ज्यादा मुसलमान है. इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई वाले इलाके की सीटें शामिल हैं. कांग्रेस अपने इस महा अभियान के तहत अगले चार शुक्रवार तक 25 लाख मुसलमानों के घर-घर संकल्प पत्र पहुंचाएगी.

संकल्प पत्र की महत्चपूर्ण बातें

 मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा जाएगा.
 सीएए और एनआरसी विरोधी आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस होंगे.
 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के हाई कोर्ट से खारिज केस में शामिल बेगुनाह लोगों को मुआवजा दिया जाएगा.
 वक्फ की संपत्तियों में धांधली की जांच कराकर दोषियों को सजा दी जाएगी.
 सपा सरकार में हुए सभी छोटे बड़े दंगों की न्यायिक जांच कराकर दोषियों को सजा दी जाएगी.
 कानपुर में 1992 में हुए दंगे की जांच के लिए गठित माथुर कमीशन की रिपोर्ट पर कार्रवाई कराई जाएगी.
 अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में राज्य पुलिस बल में भर्ती के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे.
 मदरसा आधुनिकीकरण और शिक्षकों के बकाया वेतन के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे.
 बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली दी जाएगी.
 कांग्रेस के जमाने में स्थापित कताई मिलों को खोला जाएगा.
 डॉ. मनमोहन सिंह सरकार में बुनकरों के लिए जारी 2350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
 सपा सरकार में बंद टेनरियां खोली जाएंगी.
 अंबेडकर छात्रावासों के तर्ज पर हर जिले में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मौलाना आजाद छात्रावास खोले जाएंगे.
 अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी.
 पसमांदा समाज के विकास के लिए अलग से पसमांदा आयोग का गठन किया जाएगा.
 दस्तकार वर्ग की आवाज को सदन में स्थाई तौर पर उठाने के लिए उस वर्ग से विधान परिषद में एक सदस्य नामित किया जाएगा.
 हर मंडल में एक यूनानी मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा.

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