30% पुलिस फोर्स बढ़ेगी, 24 घंटे होगी जनसुनवाई

लखनऊ – लखनऊ और नोएडा में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद करीब 30 प्रतिशत अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाएगी। अतिरिक्त फोर्स के लिए अन्य जिलों से एसआई व कॉन्स्टेबल इन दोनों शहरों में भेजे जाने शुरू हो गए हैं। दूसरी ओर, लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बुधवार सुबह 11 बजे डालीगंज स्थित पुलिस ऑफिस में चार्ज संभाला। चार्ज संभालने के बाद उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम के अलावा भी पुलिस 24 घंटे जनसुनवाई करेगी। इसके लिए अलग से अफसरों की टीम तैयार की जाएगी।वर्तमान में लखनऊ जिले में करीब 6500 इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कॉन्स्टेबल व कॉन्स्टेबल तैनात हैं। नए कमिश्नर ने बताया कि नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कितनी मैनपावर लगेगी इसका आकलन कर लिया गया है। लखनऊ जोन के अन्य जिलों से सब इंस्पेक्टरों व कॉन्स्टेबलों के तबादले होने शुरू भी हो गए हैं। अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या व बाराबंकी से 90 एसआई लखनऊ के लिए स्थानांतरित कर दिए गए हैं।

सुजीत ने कहा कि कमिश्नर सिस्टम की सफलता के लिए जरूरी है कि महानगरों की तरह ही लखनऊ की क्राइम ब्रांच मजबूत हो। क्राइम ब्रांच में विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती हो। इसके लिए ऐसे अफसरों को चुना जाएगा जिनकी अपराधियों की गतिविधियों पर पकड़ हो। साइबर क्राइम सेल में ऐसे कर्मियों की तैनाती होगी जो हैंकिंग व अन्य साइबर अपराधों को अच्छे से समझते हों। साथ ही दोनों सेल की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

कमिश्नर ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को 10 से 5 की नौकरी की आदत छोड़नी होगी। कमिश्नर सिस्टम की सफलता के लिए उन्हें 24 घंटे काम करने के लिए तैयार रहना होगा। यह बहाना नहीं सुना जाएगा कि अफसर थक गए हैं। लोगों से ज्यादा से ज्यादा मुलाकात करनी होगी, जो इस सिस्टम में फिट नहीं बैठेगा, वह बाहर जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि पुलिस कर्मियों की अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खराब व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बेहतर व्यवहार के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनना होगा।

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने पर फोकस होगा। जाम की समस्या से निपटने के लिए लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे। अच्छे सुझाव लागू किए जाएंगे। अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा, जिन स्थानों पर सबसे अधिक जाम लगता है, वहां पर अतिरक्त फोर्स तैनात की जाएगी। कमिश्नरी सिस्टम में पुलिस के पास मैजिस्ट्रेटी पावर भी आ गई है। मैजिस्ट्रेटी पावर किन अधिकारियों को मिलेगी, यह खुद कमिश्नर तय करेंगे। उन्हीं पुलिस अधिकारियों को मैजिस्ट्रेटी पावर दी जाएगी, जिनकी छवि साफ-सुथरी होगी। इन अफसरों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी और जवाबदेही भी तय होगी।

रिपोर्ट – भाषा इनपुट

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