सरकारियों योजनाओं से किसानों में जगी उम्मीद

वजीरगंज, गोंडा – कभी कभी तिनके का सहारा भी किसी भी इंसान के लिए बड़ी उम्मीद साबित होती है। सरकारकी योजनाओं ने गोंडा के किसानों के मे नया जोश भर दिया।किसानों ने फलों और सब्जियों की खेती से अपने ही लिए नहीं लोगों के लिए नजीर बन चुकें हैं। उन्होंने लोगों से फलों और सब्जियों की खेती अपनाने की अपील की है। भारत मे विभिन्न जलवायु वाले प्रदेशों के किसानों ने सरकार की आनुदानित खेती का लाभ उठा रहे हैं। उत्तर भारत मे जलवायु उपयुक्तता के कारण सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर ,बस्ती, गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर,पीलीभीत, मुरादाबाद, रामपुर, तथा बिजनौर के बाद अब गोंडा के किसानों ने फलों ,सब्जियों, की खेती शुरू की ।यहां कटरा बाजार क्षेत्र के सर्वांगपुर गांव के किसान सुखदेव प्रसाद जायसवाल ने टिश्यू केले की खेती से लाखों रूपये का लाभ कमाया है।

सुखदेव बताते हैं कि वे इसके पहले गेहूं की खेती करते थे। छुट्टा पशुओं के कारण अधिकांश फसल नष्ट हो जाती थी । एक दिन पास तिराहे की चाय की दूकान पर एक व्यक्ति से मुलाक़ात हुई। उसी मुलाकात ने हमे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। सुखदेव ने भी उसके बताये हुए रास्ते पर चल पड़ा। सबसे पहले उसनें थोड़े से खेत में टिश्यू केले के पौध लगाये। जिसमें उसे काफी मुनाफा कमाया। उसका कहना है कि वह अब करीब पन्द्रह बीस बीघे खेती मे केले की खेती करता है।

गोंडा के वजीर गंज के किसानों ने भी अब फलों और सब्जियों की खेती अपनाई है । किसानों ने बैगन ,भिंडी टमाटर, आलू, फूल गोभी ,पत्ता गोभी की वैज्ञानिक खेती कर लाखों का मुनाफा कमा रहे है। यही नही वे लोगों के लिए नजीर बन गये हैं। भगोहर गाँव के पास क ई लोग सब्जी की खेती करते हैं। जिसमे गांव बुध ई भिंडी की खेती करता है।बुध ई ने बताया कि वह और उसकी पत्नी मीरा खेत की फसल की देखभाल करते हैं । दोनों फसल तैयार होने पर फल को तोड़ कर बाजारों मे पहुंचाते हैं । उन्हें इस खेती से लाखों का मुनाफा मिलता है। समय समय पर वे हर तरह की सब्जियों की फसल तैयार कर ले जातें हैं। उनका कहना है कि सरकार की अनुदानित योजना ने उनके जीवन मे चार चांद लगा दिए हैं। अब वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला सकेंगे।

फलों मे अमरूद और लीची की खेती कर कमाया मुनाफा –  उत्तर भारत के सत्रह जिलों के बाद गोंडा के किसानों ने फलों मे अमरूद और लीची की खेती शुरू कर दी है ।सरकार ने किसानों इसकी पौध आसानी से मिल सके
इसके लिएसूबे के सभी जिलोंके उद्यान विभाग व बन विभाग को निर्देश दिया है।

कैसे करें इन फलों और केले की खेती के लिए तैयारी – केले के खेती के लिए किसानो को आर्द्र तथा उपोष्ण जैसी मिट्टी चाहिए।क्योंकि तह उष्ण कटिबंधीय फल है।यहफल कम तापमान तथा पानी की रूकावट को नही सह सकता। गहरी दुमट, हवादार और मिट्टी मे यह अच्छा उगता है ।यह6.5 से8.0 तक पी एच को सह सकता है। रोपण से पहले 45×45×45 सेमी0 गड्ढों में अच्छी तरह से सड़ी गली गोबर खाद डाले या उन गड्ढों मे 20 -30 किलो चुने हुए सकर की अनावश्यक पत्तियां वानस्पतिक विकास और अत्यधिक जड़ो को काट दें।इन कंदों को सूत्र क्रिम एवं तना विविल से बचाने के लिए कंदों को मिट्टी के घोल मे डाल दें। रोपण के लिए जून जुलाई का समय मूफीद रहेगा। किसान पौधों की अच्छी बढ़त के लिए समय समय पर टहनियों की छटाई, फूलों की तुड़ाई, सिंचाई व मिट्टी को हटाने का काम और कीटनाशक का छिड़काव करवायें।

रिपोर्ट – देवी दीन

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