अखिल भारतीय पत्रकारों की पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

करनैलगंज, गोण्डा-   परमाणु ऊर्जा केवल परमाणु बम बनाने की तकनीक नहीं बल्कि इसके तमाम शांतिपूर्ण उपयोग भी हैं। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) तथा पत्रकारिता एवं संचार विद्यालय द्वारा राजस्थान के रावतभाटा में “परमाणु ऊर्जा : जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि” विषय पर अखिल भारतीय पत्रकारों की पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के रायबरेली के राधेश्याम कर्ण तथा गोण्डा जनपद के अशोक कुमार शुक्ला एवं संजय प्रजापति को भी आमंत्रित किया गया था।

कार्यक्रम का शुभारंभ न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के साइट डायरेक्टर विजय कुमार जैन, सह निदेशक एके नेमा, परमाणु ऊर्जा विभाग मुंबई के प्रमुख (जन जागरूकता प्रभाग) रविशंकर, परमाणु ऊर्जा विभाग नई दिल्ली के विशेष कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्ण गुप्ता तथा पत्रकारिता एवं संचार विद्यालय के चेयरमैन विजय क्रांति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया।

अपने संबोधन में रविशंकर ने 1945 में ओपन हायमर द्वारा परमाणु बम के आविष्कार और 4 तथा 9 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकांश लोग परमाणु ऊर्जा को विनाश के रूप में पहचानते हैं। हमने इस कार्यशाला का आयोजन इसलिए किया है ताकि हम यह बता सकें कि परमाणु ऊर्जा केवल परमाणु बम बनाने की तकनीक नहीं है बल्कि इसके तमाम शांतिपूर्ण उपयोग भी हैं। श्री कृष्ण गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य प्रयोजन आम जन जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करने वाली नाभिकीय प्रौद्योगिकी का प्रचार प्रसार करना और उसके अनुप्रयोग उद्योगों में करने को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रौद्योगिकी न केवल नाभिकीय विद्युत और सामरिक शक्ति के लिए है अपितु इसका प्रयोग स्वास्थ, चिकित्सा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, जल स्वच्छता एवं पर्यावरण के लिए भी है।

श्री गुप्ता ने बताया कि कैंसर के क्षेत्र में हमारे विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है और देश में 6 टाटा कैंसर चिकित्सालय इसके लिए समर्पित हैं। उन्होंने पत्रकारों से परमाणु ऊर्जा विभाग की प्रौद्योगिकी को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया। विजय क्रांति ने अपने संबोधन में पत्रकारों से कहा कि वे इस डिजिटल युग में नई स्किल सीखें और बदलती हुई टेक्नोलॉजी का प्रचार प्रसार कर आमजन तक पहुंचायें। इससे उनके पेशे में उनका सम्मान बढ़ेगा और यह पत्रकारों का सामाजिक दायित्व भी है।

रिपोर्ट – अशोक शुक्ला

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