बढ़ेगी यातायात की रफ्तार, आएगी विकास की बहार: उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

लखनऊ-  शहर के रेंगते ट्रैफिक से सभी आजिज हैं। राजाजीपुरम जाना हो तो नाका चौराहे के आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। टेढ़ी पुलिया का जाम, झुंझलाहट पैदा करता है। पुराने लखनऊ में चलना… उफ्फ! किसी सजा से कम नहीं है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं। आपकी दिक्कत सरकार भी जान-समझ रही है।शनिवार को रेनेसां होटल में एनबीटी के ‘लखनऊ विकास संवाद’ में पहुंचे डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा और यूपी सरकार में शामिल शहर के दो अन्य नुमाइंदों ब्रजेश पाठक (कैबिनेट मंत्री), स्वाति सिंह (राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार) ने भी माना कि शहर के विकास में यातायात ही सबसे बड़ी चुनौती है।

इसके अलावा सरकार स्मार्ट लखनऊ ऐप, डंपिंग पॉइंट खत्म करके, ई-चालान व्यवस्था लागू करके और अतिक्रमण के खात्मे से शहर की स्मार्टनेस में इजाफा करेगी। दिनेश शर्मा ने कहा कि संकरे इलाकों में आबादी का दबाव बढ़ने की वजह से लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। नाका चौराहे पर एक पुल बन रहा है। पुराने लखनऊ में दो, जबकि एक पुल टेढ़ी पुलिया पर बनाया जा रहा है।

शहीद पथ के बाद आउटर रिंग रोड रास्ता आसान करेगा। मेट्रो के दूसरे फेज में पुराना लखनऊ भी इससे जुड़ेगा। ब्रजेश पाठक ने कहा कि ट्रैफिक के लिहाज से शहर के चार बॉटलनेक हैं। चारों जगह फ्लाईओवर बन रहे। ये शहर के यातायात की लाइफलाइन बनेंगे। एक पुल मार्च तक तैयार हो जाएगा जबकि दो पुल मई तक। अक्टूबर-नवंबर तक चौथे पुल का काम पूरा हो जाएगा।

स्वाति सिंह ने जनता से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि हम लखनऊ में सीट बेल्ट नहीं लगाते, जबकि दिल्ली पहुंचते ही लगा लेते हैं। हमें यह आदत बदलनी होगी। आपके सहयोग से विकास की योजनाओं को गति मिलेगी।

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