माया ने राज्स्थान की बीएसपी कार्यकारिणी को किया भंग

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान की पूरी बीएसपी कार्यकारिणी को भंग कर दिया। अभी हाल में वहां बीएसपी के छह विधायकों ने एक झटके में पाला बदला था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दलबदल के इस बड़े घटनाक्रम के बाद मायावती ने पूरी प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला किया है।

इस निर्णय के अनुसार पार्टी की संपूर्ण राजस्थान कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। बीएसपी सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देशानुसार रामजी गौतम (नेशनल कोऑर्डिनेटर) और मुनकाद अली (पूर्व राज्यसभा सांसद) को राजस्थान में बसपा के कार्य को देखने के लिए नियुक्त किया गया है।

बीएसपी नेताओं में हुई मारपीट

बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों के पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद बुलाई गई कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेताओं के बीच में जमकर लात-घूंसे चले। उसके बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।

राजस्थान बीएसपी में घमासान

यह निर्णय राजस्थान में बसपा के 6 विधायकों को पार्टी के छोड़ने से लगे आघात के बाद लिया गया है। राजस्थान में बसपा के 6 विधायकों ने पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में विलय करने का निर्णय लिया था।

राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा था कि बसपा के 6 विधायकों ने यह निर्णय राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत के बाद लिया था। बसपा के विधायकों ने राजस्थान विधानसभा के स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी से मुलाकात कर पार्टी को छोड़ने के बाबत चिट्ठी भी सौंपी थी।

इन विधायकों ने छोड़ी थी पार्टी

राजस्थान में कांग्रेस के अपने खुद के 100 विधायक थे। इसके अलावा 12 निर्दलीयों ने प्रदेश में कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया था और छह बसपा के विधायकों का कांग्रेस में विलय के निर्णय से कांग्रेस की संख्या और अधिक बढ़ गई है।

जिन बसपा के विधायकों ने राजस्थान में पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में विलय होने का निर्णय लिया उनमें राजेंद्र गुढ़ा (उदयपुरवाटी से विधायक), जोगेंद्र सिंह अवाना (नदबई से विधायक), लाखन सिंह मीणा (करौली से विधायक), दीपचंद खेरिया (किशनगढ़बास से विधायक) एवं संदीप यादव (तिजारा से विधायक) शामिल हैं।

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