भारत में समय समय पर चलता है अफवाहों का दौर

इन दिनों बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाह के चलते निर्दोष राहगीरों व मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की पिटाई के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब अफवाहों से आमलोग और पुलिस-प्रशासन परेशान हुए हों। खास बात तो ये भी है कि इन अफवाहों के फैलने का एक खास समय भी होता है। आगे हमारी इस स्टोरी में जानिए क्या है अफवाह का हौव्वा और किस खास समय में फैलती हैं अफवाहें…

इससे पहले वर्ष 2001 में ब्लैक मंकी के हमले और वर्ष 2017 में चोटी कटने की अफवाह व घटनाओं से लोगों और पुलिस-प्रशासन को उलझा कर रख दिया था। अब, बच्चा चोरी की अफवाह से हो रहे हमले की घटनाएं गंभीर रूप लेती जा रही हैं।

गौतम बुद्ध नगर में अब तक बच्चा चोरी से जुड़ी आठ मामले की सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ते मामलों से पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है। मामले में तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा जा रहा है।

वहीं विशेषज्ञों की मानें तो बच्चा चोर गिरोह के सोशल साइट पर वायरल हो रहे संदेशों का सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से ऐसे पोस्ट की तादाद खासी बढ़ गई है। जानकारों की मानें तो इन्हीं पोस्ट से अफवाह फैलाने में मदद मिली हैं।

कब फैली कौन सी अफवाह
2001 में ब्लैक मंकी या मंकी मैन- अफवाह थी कि 4 फीट का एक बंदर है जिसके बदन पर लंबे काले बाल उगे हैं और चेहरा हेलमेट से ढंका होता था। इस अफवाह ने दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खूब हड़कंप मचाया।

2002 में मुंहनोचवा

इसके बारे में कहा जाता था कि हवा में कोई उड़ती हुई चीज है जिसमें लाइट जलती है और वह आकर लोगों का मुंह नोच देती है। कई लोगों ने तो इसके खौफ से ही छत से छलांग लगा दी थी। यह अफवाह पूर्वी यूपी व बिहार के इलाके में ज्यादा प्रभावी थी।

2015 में सिलबट्टे वाली बुढ़िया

इस में यह अफवाह थी कि लोगों की कोई सिलबट्टे से पिटाई कर देता है और पत्थर का रंग बदल जाता था। यह अफवाह भी पश्चिमी यूपी समेत दिल्ली-एनसीआर में खूब फैली थी।

2017 में चोटी कटवा

2017 में राजस्थान से फैलनी शुरू हुई इस अफवाह से ज्यादा प्रभावित हरियाणा और पश्चिमी यूपी व दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्र रहे। इसमें यह अफवाह फैलती थी कि कोई आता है और महिलाओं की चोटी काटकर चला जाता है। इसे लोग तमाम तरह के टोटकों से भी जोड़कर देखते थे।

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