अमेरिका अभी भी दुनिया की श्रेष्‍ठ सैन्‍य ताकत है : मार्क मेडोस

वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत और चीन में तनाव के बीच कहा है कि प्रशांत महासागर हो या उसके आगे हम अपनी प्रभावी शक्ति की भूमिका से पीछे नहीं हटेंगे। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के चीफ ऑफ स्‍टाफ मार्क मेडोस ने कहा कि हमारा रुख सख्‍त बना रहेगा फ‍िर चाहे वह भारत के साथ चीन के विवाद से जुड़ा हुआ हो या कहीं और। मेडोस ने यह भी कहा कि चीन की सीमा से सटा कोई भी देश पेइचिंग की आक्रामक कार्रवाई से सुरक्षित नहीं है।

साउथ चाइना सी में दो एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने पर मेडोस ने कहा, ‘हमारा संदेश साफ है। हम मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे। चाहे चीन हो या कोई और हम उस इलाके या किसी और अन्‍य जगह पर किसी और देश को सबसे शक्तिशाली, प्रभावी ताकत का दर्जा नहीं लेने देंगे। हमारी सैन्‍य ताकत मजबूत है और आगे भी मजबूत बनी रहेगी। फ‍िर चाहे वह भारत और चीन के बीच संघर्ष से जुड़ा हो या कहीं और।’ मेडोस ने कहा कि अमेरिका का मिशन है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विश्‍व यह जाने कि अमेरिका अभी भी दुनिया की श्रेष्‍ठ सैन्‍य ताकत है।’

अमेरिका का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चीन ने सोमवार को कहा कि अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक भारत से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवान घाटी में पीछे हटने और तनाव कम करने की दिशा में ‘प्रगति’ के लिए ‘प्रभावी कदम’ उठा रहे हैं।

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