मैं कहती हूँ

मैं निहारिका चतुर्वेदी आपके लिए महिलाओ के हित- अहित पर नियमित कॉलम लिखने जा रही हूँ | आशा करही हूँ कि आप सब इसे पढ़ेंगे |इसे लिखने का उदेश्य मात्र महिलाओ को जागरूक करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है साथ ही महिलाओ के लिए सदियों पुराने नज़रिये को बदलना भी है उनके सम्मान के स्तर को समाज मे बढ़ाना है |
समाज मे महिलाओ और पुरुष के मध्य किया जा रहा भेदभाव सदियों से चला आ रहा है | इसे कम या ख़तम करने के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाओं को शुरू किया है जैसे शिक्षा व नौकरी के क्षेत्र मैं आरक्षण, घरेलु हिंसा पर क़ानून, हाल ही मैं तीन तलाक पर बदला क़ानून इस बात का प्रमाण है लेकिन महिलाये इसका उपयोग नहीं कर पाती| इस प्रकार की जागरूकता को बढ़ाने के उदेश्य से मै इस कॉलम को प्रारम्भ कर रही हूँ इस कॉलम को पढ़कर अपनी प्रतिकिया जरूर दे |

धन्यवाद
निहारिका चतुर्वेदी

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