जानिए क्या खूबियां हैं वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे। इसे केएमपी एक्सप्रेस वे भी कहा जाता है। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2009 में शुरू हुआ था और इसे पूरा होने में पूरे 15 साल लग गए। कई बार इसका निर्माण शुरू हुआ और रूका। इस प्रोजेक्ट को 2003 में प्रपोज किया गया था। एचएसआईआईडीसी और केएमपी के बीच जनवरी 2005 में साइन हुए करार के अनुसार प्रोजेक्ट को जून 2009 में पूरा हो जाना था लेकिन शुरुआती डेडलाइन मिस करने के बाद इसे कई बार एक्सटेंशन मिला।

खट्टर ने दी जानकारी

पीएम मोदी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, इसकी जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को दी। एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी सोमवार को ही गुरुग्राम के सुल्तानपुर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा कि एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होते ही हरियाणा और आसपास के इलाकों में समृद्धि आएगी और हरियाणा शिक्षा व आईटी का हब बन जाएगा। इससे पहले खट्टर ने एक ट्वीट में कहा, ‘अप्रैल 2016 में मनेसर और पलवल के बीच केएमपी एक्सप्रेसवे का 53 किमी हिस्सा लोगों के लिए खोल दिया गया था। सोमवार को पीएम मोदी पूरे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे।’

एक्सप्रेसवे पर सुविधाएं

केएमपी एक्सप्रेसवे को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईएमपी) के साथ केएमपी एक्सप्रेसवे तकरीबन 50 हजार बड़ी गाड़ियों को दिल्ली में घुसने से रोकने में सक्षम होगा। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर पार्किंग की जगह, पेट्रोल स्टेशन, पुलिस थाने, एक ट्रॉमा सेंटर, हेलीपैड, जलपान गृह और मनोरंजन केंद्र होंगे। इस रूट पर 8 छोटे और 6 बड़े पुल होंगे। इसके साथ ही 4 रेलवे ब्रिज, 34 अंडरपास और 64 पैदल यात्री क्रॉसिंग की सुविधा होगी।

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