2.50 लाख करोड़ रुपये तक बचाएगी मोदी सरकार, संसद में बताया प्लान

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र का आज 10वां दिन है. विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक है. ईंधन की बढ़ती कीमतें और महंगाई भी इन मुद्दों में प्रमुख हैं. इसी बीच ई-वाहनों के प्रयोग (E-Vehicle Use) को लेकर सरकार की पहल और भावी योजनाओं को लेकर राज्य सभा में आज केंद्रीय मंत्री ने अहम जानकारी दी. सरकार ने बताया कि कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भारत ने क्रांतिकारी पहल की है.

राज्य सभा सदस्य थंबीदुरै के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय (Mahendra Nath Pandey) ने बताया कि तमिलनाडु में अच्छा काम हो रहा है. ओला कंपनी ने 23 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है. यहां अक्टूबर से उत्पादन शुरू हो जाएगा. इससे लोगों को मिलने वाले रोजगार के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार सकारात्मक सहयोग कर रही है, स्थानीय नीति के मुताबिक स्वाभाविक है कि लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे.

डॉ अशोक वाजपेयी (Ashok Bajpai) ने ईंधन के आयात (Fuel Import) में हो रही बड़ी राशि के खर्च और इसे कम करने को लेकर सरकार के प्रयासों पर सवाल किया. वाजपेयी के सवाल पर महेंद्र पाडेय ने बताया कि ई-वाहनों का उपयोग बढ़ने पर ईंधन के आयात में होने वाला लगभग दो से 2.50 लाख करोड़ रुपये बचेंगे.

इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग

राज्य सभा सदस्य केजे अल्फोंस के सवाल पर केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि सरकार ई-एक्सप्रेस बनाने की तैयारियां कर रही है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली-चंगीगढ़ मार्ग को ई-एक्सप्रेस वे घोषित कर दिया गया है. इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर स्टेशन बनाने के सवाल पर बताया कि 24 चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हैं.

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की पहल का नतीजा है कि विद्युत मंत्रालय ने एसओपी जारी कर दी है, इससे चार्जिंग के लिए कई विकल्पों का जिक्र किया गया है. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि शहरी विकास मंत्रालय ने आवास और वाणिज्यिक भागों में चार्जिंग की व्यवस्था की अनुमति दे दी है, ऐसे में चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने की दिशा में लगातार क्रांतिकारी काम किया जा रहा है.

इंसेंटिव दे रही है सरकार

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि फ्रेम इंडिया वन और इसके बाद फ्रेम इंडिया दो चलाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि दो पहिया वाहनों को प्रति किलोवाट 15 हजार रुपये का इंसेटिव दिया जा रहा है, जबकि तीन पहिया वाहनों पर 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट दिए जा रहे हैं. बकौल महेंद्र पांडेय, दो करोड़ रुपये की लागत वाली इलेक्ट्रिक बसों पर 40 फीसद इंसेटिव दिया जा रहा है. चार्जिंग स्टेशन पर लगातार काम जारी है.

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