ट्रम्प को भारत से मदद की आस

वाशिंगटन। कोरोना वायरस की महामारी झेल रहे अमेरिका की नजरें अब मदद की आस में भारत पर टिकी हैं। इसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बीच शनिवार शाम फोन पर बात हुई। इस बातचीत में कोरोना से सामूहिक रूप से लड़ने पर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) टैबलेट की खेप भेजने का आग्रह किया। हाइड्रोक्लोक्वीन टैबलेट का इस्तेमाल कोरोना के मरीजों के इलाज में होता है।

कोरोना वायरस टास्क फोर्स से जुड़ी प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने मोदी के साथ हुई बातचीत साझा करते हुए कहा, ‘आज मैंने पीएम मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत में रोके गए Hydroxychloroquine टैबलेट की खेप को जारी करने का आग्रह किया।’ पीएम मोदी से Hydroxychloroquine टैबलेट भेजने के आग्रह की जानकारी देते हुए ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वह भी इस टैबलेट का सेवन करेंगे। उन्होंने कहा, मैं भी इसे ले सकता हूं, इसके लिए मुझे अपने डॉक्टर्स से बात करनी होगी।’

ट्रंप ने आगे कहा, ‘भारत भारी मात्रा में इस दवा का प्रॉडक्शन करता है। उन्हें अपने लोगों के लिए भी इसकी जरूरत पड़ेगी। वहां की जनसंख्या 1 अरब से ज्यादा है। मैंने उनसे कहा है कि अगर वो हमारे ऑर्डर को भेज दें तो मैं आभारी रहूंगा।’ उधर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच भी बातचीत की खबर है। दोनों के बीच बातचीत में कोरोना वायरस लड़ने पर चर्चा हुई।

इससे पहले पीएम मोदी ने शनिवार को खुद ही अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी थी। पीएम ने ट्रंप से हुई चर्चा की जानकारी देते हए ट्वीट किया था, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलिफोन पर विस्तार से चर्चा हुई। हमारी चर्चा अच्छी रही और हम कोरोना वायरस के खिलाफ भारत-अमेरिका साझीदारी की पूर्ण ताकत का इस्तेमाल करने पर सहमत हुए।’

आपको बता दें कि अमेरिका गंभीर रूप से कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। अब तक उसके 3,01,902 नागरिक इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, 8,175 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है। पिथले 24 घंटे में ही अमेरिका में कोरोना के कम से कम 23,949 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 1,023 लोगों की मौत की खबर है।

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