बंजर इलाकों में वर्षा जल से होगी खेती

गया – जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिले में लगातार कार्य हो रहा है। इसी क्रम में योजना से कृषि विभाग को जोड़ा गया है। बंजर व पहाड़ी इलाकों में अच्छी खेती के लिए ‘खेत का पानी खेत में’ नाम से योजना बनाई गई है। इसमें एक एकड़ के लिए तालाब बनाने से लेकर उसके आसपास विभिन्न तरह की खेती कराई जाएगी। इस योजना पर सरकार ने अनुदान देने की घोषणा भी की है। एक एकड़ की योजना पर लाभुक किसान को 75 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार जिलेभर में अब तक 341 आवेदन प्राप्त हुए हैं। 60 गुणा 60 वर्ग फीट का बनेगा तालाब, संचयित होगा वर्षा जल :

योजना के तहत 60 गुणा 60 वर्ग फीट का एक तालाब बनाया जाएगा। यह योजना विशेषकर पहाड़ी इलाकों, बंजर भूमि, ढालू जमीन वाले इलाकों में क्रियान्वित होगी, ताकि वर्षा के दिनों में पहाड़ी इलाकों या ऊंचाई से नीचे की ओर आने वाले पानी को इस तरह के तालाब में संचयित किया जा सके। तालाब में जो पानी संचयित होगा, उसका इस्तेमाल खेती में होगा। तालाब की मेड़ पर लगेंगे पौधे, कराई जाएगी सब्जियों की खेती :

खेत का पानी खेत में’ योजना के तहत तालाब बनाया जाएगा। इसकी मेड़ पर तरह-तरह के पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही बाकी की खेती वाली जमीन पर सब्जियों की खेती कराई जाएगी। इसके साथ दूसरी तरह की औद्यानिक खेती भी की जा सकेगी। योजना की खासियत यह है कि सरकार तालाब बनाने से लेकर पेड़ लगाने, सब्जियों की खेती करने व दूसरे क्रियाकलापों पर अनुदान देगी।

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