प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिये है वरदान-जिलाधिकारी

श्रावस्ती। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार हेतु जिलाधिकारी ओपी आर्य ने ‘‘प्रचार-वाहन’’ को हरी झण्डी दिखाकर कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी योगानन्द पाण्डेय, संयुक्त मजिस्ट्रे गौरव कुमार आईएएस, डिस्ट्रिक नोडल अधिकारी न्यू इंडिया इन्योरेंश कम्पनी के एमए सिद्दीकी, डिस्ट्रिक को-आर्डिनेटर विनय कुमार यादव, डिस्ट्रिक फील्ड आफीसर आरपी यादव, हेमन्त श्रीवास्तव सहित कृषि विभाग एवं अन्य सम्बन्धित लोग मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार हेतु कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किये गये 1 प्रचार वाहन जनपद की समस्त तहसीलों, विकास खण्डों, गाॅवों, प्रमुख बाजारों एवं हाटों, कार्यालयों इत्यादि का भ्रमण कर सभी ऋणी व गैर ऋणी कृषकों को बीमा योजना के प्रति जागरूक करेगा ताकि जनपद के अधिक से अधिक किसान 31 जुलाई 2019 तक अपनी फसलों का बीमा कराकर फसलों को होने वाली क्षति से सुरक्षित हो सकें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2019 में 3 फसलें धान, मक्का एवं अरहर की फसलें अधिसूचित हैं, जिनका बीमा कराने हेतु 2 प्रतिशत की दर से प्रीमियम की धनराशि कृषकों द्वारा देय है। इसके अतिरिक्त पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2019 में केले की फसल अधिसूचित की गयी है, जिस पर 5 प्रतिशत की दर से बीमा प्रीमियम देय है। जनपद के सभी ऋणी व गैर ऋणी किसान 31 जुलाई 2019 तक योजना अन्तर्गत पंजीकरण कराकर बीमा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त किसान क्रेडिट कार्ड धारक/फसली ऋण धारक किसान बीमा कराने के लिए निकटतम राष्ट्रीयकृत बैंक, प्राईवेट बैंक, क्षेत्रीय बैंक, सहकारी बैंकों की शाखा, पैक्स/सहकारी समितियों अथवा ओरियन्टल इंश्योरेन्स क.लि. के कार्यालय में सम्पर्क स्थापित कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। गैर ऋणी किसान जन सुविधा केन्द्र, बैंक शाखा अथवा ओरियन्टल इंश्योरेन्स कम्पनी के एजेन्ट से सम्पर्क कर सीधे फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। उन्होने बताया कि बीमा योजना के बारे में अन्य जानकारी प्राप्त करने करने के लिए टोल फ्री नम्बर 1800-209-1415 अथवा बीमा कम्पनी की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू डाट ओआरआईईएनटीएएलआईएनएसयूआरएएनसीई डाट ओआरजी डाट इन पर सम्पर्क कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि बीमा हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है, यदि कार्ड तत्काल नहीं है तो 30 दिनों में उपलब्ध कराने का घोषणा पत्र, खसरा खतौनी, बैंक पासबुक/बैंक खाते का विवरण संलग्न करना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसान पहले किसी अन्य फसल को बोने का निर्णय लेता है व बाद में किसी अन्य फसल को बोता है तो योजना समाप्त होने से कम से कम दो दिन पहले उसे इस बात की जानकारी बैंक बीमा कम्पनी को बतानी आवश्यक होगी तथा नया कवरेज लेते हुए डिफरेंस प्रीमियम भी देना होगा। प्रीमियम की कटौती के सम्बन्ध में दी गयी व्यवस्था के अनुसार ऋणी किसानों के प्रीमियम की कटौती ऋण-दाता बैंक द्वारा की जाएगी। गैर ऋणी किसान कम्पनी के एजेन्ट, जन सेवा केन्द्र या सीधे बीमा कम्पनी कार्यालय से या भारत सरकार के पोर्टल डब्लूडब्लूडब्लू डाट पीएमएफबीवाई डाट जीओवी डाट इन से भी बीमा करा सकते हैं। उन्होने बताया कि हानि के 72 घण्टे के अन्दर कृषक द्वारा हानि की सूचना बैंक, कृषि विभाग, तहसील पदाधिकारियों अथवा बीमा कम्पनी को सीधे भी दी जा सकती है। बीमा कम्पनी द्वारा 48 घण्टेे के अन्दर सर्वेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। सर्वेक्षक द्वारा 10 कार्य दिवस के अन्दर हानि रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी।

रिपोर्ट
चंद्र प्रकाश शुक्ला

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