लविवि पेपर लीक प्रकरण का सच हुआ उजागर

लखनऊ – लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसके शुक्ला की मिलीभगत से ही डॉ. ऋचा मिश्रा ने एलएलबी के थर्ड समेस्टर की परीक्षा के प्रश्न पत्र हासिल किए थे। इन प्रश्नपत्रों से जुड़ा आडियो डॉ. ऋचा मिश्रा के मोबाइल में था लेकिन इसे डा. ऋचा की जानकारी के बिना उनके ही पति डा. एके सचान ने एक करीबी के जरिये लीक कराया था। डा. सचान डा. ऋचा के मोबाइल की एक स्पाई साफ्टवेयर के जरिये गुपचुप तौर पर निगरानी करवा रहे थे।

यह खुलासा गृह विभाग को मिली एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में हुआ है। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, एलएलबी के थर्ड सेमेस्टर वर्ष 2019 की परीक्षा के प्रश्नपत्र एसके शुक्ला की मदद से बाहर आए थे। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जो पेपर बताया गया, उसके 50 फीसदी प्रश्नपत्र मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।एसके शुक्ला, लॉ फैकेल्टी के डीन प्रो. सीपी सिंह, आरके सिंह व डॉ. अशोक कुमार सोनकर से प्रापर्टी लॉ के पेपर लिए गए जबकि कामर्शियल लॉ के पेपर डॉ. सतीश चंद्र से लिए गए।

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लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शैलेश कुमार शुक्ला को शासन ने शुक्रवार को पद से हटा दिया। फिलहाल उनको वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है। शैलेश कुमार शुक्ला का नाम बतौर कार्यवाहक कुलपति रहते हुए एलएलबी पेपर लीक मामले में सामने आया था। उनका आडियो भी वायरल हुआ था। शासन ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के रजिस्ट्रार विनोद कुमार सिंह को लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद पर तैनात किया है। राजभवन ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसके शुक्ल को 11 नवम्बर को कुलपति प्रो एसपी सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्यवाहक कुलपति का पदभार भी सौंपा गया था।

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