सिरफिरों ने किया हंगामा, बुलानी पड़ी RRF

मथुरा-  लॉकडाउन का दूसरा दिन। दूध, सब्जी आदि जरूरत की चीजें खरीदने के लिए सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया फिर भी लोगों का असहयोग जारी रहा। मंडी से लेकर किराना स्टोर तक आपाधापी मची रही। कई-कई दिनों के लिए स्टॉक का इंतजाम करने लगे। दवा खरीदने के लिए समय दिया गया था 12 बजे तक का। दुकानदार भी नहीं माने तो सख्ती से दुकान बंद कराई गई। खरीदारी करने वाले निकल गए पर सड़कों पर भीड़ बरकरार रही। ऐसे में कई थाना क्षेत्रों में पुलिस को लाठीचार्ज कर लोगों को घर के अंदर करना पड़ा।

कई रास्ते बंद कर दिए गए तो लोग वैकल्पिक रास्ते तलाशने लगे। ये आलम पूरे दिन रहा। हाल ये रहा कि पूरे जिले में मनमानी पर मजबूरन वो पोस्टर पकड़ाकर फोटो खिंचवाए गए जिसमें लिखा था ‘मैं समाज का दुश्मन हूं’। कान पकड़कर माफी मंगवाई। तमाम वाहन जब्त करने पड़े। चालान हुए। धारा-144 व लॉकडाउन के उल्लंघन में मुकदमे भी हुए। लोग नियम मानने को तैयार नहीं हुए तो चार कंपनी रैपिड रिएक्शन फोर्स (आरआरएफ) उतार दी गई।

रात पुलिस ने परतापुर बाइपास, हापुड़ रोड पर बिजली बंबा बाइपास, गढ़ रोड पर काली नदी और रुड़की रोड पर मोदीपुरम में बैरियर लगाकर शहर को सील कर दिया था। इसी तरह से शामली रोड, बागपत रोड और रोहटा रोड को भी सील किया गया था। पर मंगलवार सुबह से ही तीनों मार्गो पर आना- जाना बदस्तूर जारी रहा। परतापुर बाइपास और हापुड़ रोड पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। यहां पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

दरअसल, दिल्ली की तरफ से आने वाले कार चालाक जबरन अंदर प्रवेश करना चाह रहे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। माधवपुरम और ब्रह्महपुरी तथा लिसाड़ीगेट से आने वाले लोगों को ब्रrापुरी पुलिस ने दिल्ली रोड तक आने नहीं दिया। सभी के ऊपर लाठीचार्ज कर भगा दिया। इसी तरह से लिसाड़ीगेट में दुकान खोलकर सामान बेच रहे लोगों पर भी पुलिस ने बल प्रयोग कर घरों के अंदर किया।

बेगमपुल पर कई बार हुई झड़प : मुख्यमंत्री की ओर से आदेश जारी हुआ कि कार के अंदर सिर्फ दो व्यक्ति चल सकते हैं, जबकि बाइक पर एक ही व्यक्ति। उसके बाद पुलिस ने बेगमपुल से गुजरने वाले ऐसे वाहनों को रोका। उसके बावजूद भी बाइक पर तीन-तीन लोग गुजर रहे थे। एसपी क्राइम रामअर्ज ने भी बाइक पर तीन सवारी बैठकर जाने वाले कंकरखेड़ा के युवकों को रोका, जो महिला को अपने साथ लेकर जा रहे थे। सभी का पुलिस ने चालान कर दिया।

महिला और बच्चों का लिया सहारा : शहर में निकलने के लिए लोगों ने महिला और बच्चों का भी सहारा लिया। ज्यादातर लोग बाइक और कार में महिलाओं और बच्चों को अपने साथ बैठाकर चल रहे थे। पुलिस ने ज्यादातर लोगों को रोका। सभी का एक ही तर्क था कि दवाई लेने जा रहे है। डाक्टर को दिखाने जा रहे है। पुलिस ने कुछ लोगों की जांच पड़ताल भी की है।

मेडिकल स्थित लख्मी विहार कॉलोनी की प्रबंधन समिति सतर्कता दिखा कोरोना से लड़ रही है। वहीं मंगलवार में एक परिवार को बाहर जाने से रोकने पर उन्होंने हंगामा किया। कॉलोनी प्रबंधन समिति के लोग मौके पर पहुंंचे, जहां बाहर जाने की जिद कर रहे लोगों को समझा उन्हें सुबह-शाम तय समय के बीच निकलने की नसीहत दी। लख्मी विहार कॉलोनी अध्यक्ष बिल्लू चौधरी ने बताया कॉलोनी के लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर बाहर निकलने का समय निर्धारित कर दिया गया है।

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