अब कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को पढ़नी होगी एनसीआरटी की किताबें

एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथ बच्चों को उत्तर प्रदेश का इतिहास, धर्म-संस्कृति भी पढ़ाएंगे। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के लिए गठित तीन में से दो समितियों ने दी अपनी रिपोर्ट। माध्यमिक शिक्षा में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय स्कूलों में भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद एससीईआरटी ने कक्षा 1 से 8 तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की कवायद शुरू की है। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथ प्रदेश की धर्म-संस्कृति, महापुरुषों और धार्मिक स्थलों का इतिहास और महत्व भी पढ़ाया जाएगा।

एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के लिए गठित तीन में से दो समितियों ने अपनी रिपोर्ट राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सौंप दी है। एससीईआरटी ने पाठ्य पुस्तक समिति, पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने वाले प्रमुख शिक्षाविदों और पाठ्य पुस्तकों के रिसर्च स्कॉलर्स (अनुसंधान विद्वानों) की कमेटी से भी रिपोर्ट मांगी है।

पाठ्यपुस्तक समिति और शिक्षाविदों की कमेटी ने बेसिक शिक्षा के मौजूदा पाठ्यक्रम और एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम का तुलनात्मक अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट पेश की है। रिसर्च स्कॉलर्स की कमेटी 16 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देगी।

सूत्रों के अनुसार दो समितियों ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों की सीखने की क्षमता के अनुसार मौजूदा पाठ्यक्रम में से प्रदेश के इतिहास, धर्म-संस्कृति, महापुरुषों, धार्मिक स्थलों, प्रमुख स्थलों, राजनीति से जुड़े अध्यायों को नए पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश की है।
ये हैं एनसीईआरटी की किताबें
कक्षा 1-2: अंग्रेजी, गणित, हिन्दी और ऊर्दू।
कक्षा 3-5: गणित, हिन्दी, अंग्रेजी, पर्यावरण अध्ययन, ऊर्दू।
कक्षा 6-8: हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक अध्ययन, संस्कृत, विज्ञान और ऊर्दू।

ग्राम्य संदेश डेस्क

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