ग्रीन टी पीने का सही समय और तरीका

दुनिया भर में वजन कम करने औऱ मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए ग्रीन टी  सबसे बेहतर ड्रिंक माना जा रहा है। इसके फायदों को देखते हुए ग्रीन टी को लोग जमकर पी रहे हैं। लेकिन ग्रीन टी पीने का सही समय और तरीका क्या है अधिकतर लोगों को नहीं पता और इसी वजह से ग्रीन टी फायदा करने की बजाय शरीर को काफी नुकसान भी पहुंचा सकती है।  अगर आप भी वजन कम करने और फिटनेस की चाहत में खूब ग्रीन टी पीते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत उपयोगी होगा। इसके जरिए आप खुद औऱ अपने जैसे ग्रीन टी के दीवानों को ग्रीन टी पीने का सही समय औऱ तरीका बता पाएंगे।

आपके जेहन में ग्रीन टी  को लेकर कई सवाल हो सकते हैं , मसलन क्या ग्रीन टी खाली पेट पीनी चाहिए? भोजन के कितनी देर बार ग्रीन टी पीनी चाहिए। एक दिन में कितनी ग्रीन टी पीनी चाहिए? इन्हीं सब सवालों के जवाब यहां दिए गए हैं।ग्रीन टी पीने का सही समय सुबह 10 से 11 बजे के बीच का है। इस दौरान आपके शरीर को सुबह किए गए नाश्ते को पचाने के लिए अतिरिक्त मेटाॉलिज्म की जरूरत होती है। इस समय ग्री टीन पीने से नाश्ता अच्छी तरह पचता है और उसकी ऊर्जा से दिन भर शरीर चुस्त दुरुस्त रहता है।

देखा जाए तो सुबह के समय हम और आप सबसे हैल्दी नाश्ता करते हैं जो दिन भर हमे ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन साथ ही इस नाशते का सही तरह से एनर्जी में तब्दील होना भी काफी जरूरी है और यही काम ग्रीन टी करती है।शाम को नाश्ते के बाद पांच से छह बजे के बीच ग्रीन टी पाने से आपके शरीर में दिन भर एकत्र हुए टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकल जाएंगे। इससे दोपहर के भोजन का भी पाचन अच्छी तरह से हो जाएगा। दिन भर हम जो खाते पीते हैं, शाम के समय उसका चयापचय होना आवश्यक है, औऱ इस काम के लिए ग्रीन टी की मदद ली जानी चाहिए।

शाम के समय ग्रीन टी पीने से न केवल दिन के भोजन की ऊर्जा मिलती है, साथ ही टॉक्टिक तत्व जो हमारे शरीर में भीतर एकत्र हुए हैं, वो यूरीन के जरिए बाहर निकल जाते हैं।विशेषज्ञ कहते हैं कि रात को ग्रीन टी बिलकुल नहीं पीनी चाहिए। शाम के बाद ग्रीन टी लेने से नींद में खलल और एसिडिटी (Acidity) हो सकती है। ग्रीन टी में मौजूद कैफीन आपके दिमाग को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है जबकि रात का समय सोने के लिए अनुकूल होता है।ग्रीन टी को जब भी पिएं या तो भोजन से एक घंटा पहले या भोजन के एक से दो घंटे बाद पिएं। भोजन के एक से दो घंटे बाद ग्रीन टी पीने से भोजन का पाचन अच्छा होता है और उस भोजन की ऊर्जा शरीर को पर्याप्त तौर पर मिलती है। अगर आप चाहें तो भोजन से एक घंटा पहले भी ग्रीन टी पी सकते हैं।

ग्रीन टी का मुख्य काम शरीर को भोजन के चयापचय के लिए उत्साहित करना होता है। यानी अगर आपने भोजन कर लिया है और भोजन करने के बाद आप सुस्ती के शिकार हो गए हैं तो ग्रीन टी आपके चयापचय को तेज करेगी ताकि भोजन से पर्याप्त ऊर्जा निकल सके औऱ वो कैलोरी में तब्दील हो सके।सुबह कसरत से पहले ही ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। सुबह व्यायाम से लगभग तीस मिनट पहले ग्रीन टी का सेवन बहुत लाभदायक है। व्यायाम के दौरान ग्रीन टी में पाया जाने वाला कैफीन कसरत के लिए जरूरी ताकत प्रदान करता है। इसके साथ ही ग्रीन टी वेट लॉस में भी मदद करता है। एक्सरसाइज से पहले पी गई ग्रीन टी शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में सहायक होती है। लेकिन ध्यान रखें कि कसरत से पहले ग्रीन टी पीते समय उसमें शहद नहीं मिलाना चाहिए।

कसरत के बाद ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए। अमेरिका के द पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के फूड साइंस डिपार्टमेंट की तरफ से एक अध्ययन कहता है कसरत के बाद नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग पीड़ित यदि ग्री टीन पीते हैं तो उनकी ये समस्या कम हो सकती है। लेकिन यदि आप वर्कआउट करते हैं तो आपको वर्कआउट के बाद ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए। यूं तो ग्रीन टी हर मौसम में फायदा ही करती है लेकिन सर्दी के अंत और वसंत के मौसम में इसे पिया जाना ज्यादा लाभकारी होता है। वसंत के दौरान ग्री टी की पत्तियों की कटाई होती है और यही वो दौर होता है जब शरीर को सर्दियों के दौरान बढ़ी चर्बी को दूर करने की जरूरत होती है।

सर्दियों के बाद आए वसंत में ग्रीन टी का सेवन बॉडी को क्लींज करता है और अतिरिक्त चर्बी को घटाने का काम करता है। इससे शरीर में रक्त धमनियों में आने वाली रुकावट दूर करने के लिए लोग ग्री टी का सेवन करते हैं। वसंत का मौसम ग्रीन टी के लिए इसलिए भी अच्छा कहा जाता है क्योंकि इस समय ताजी और बिलकुल बागानों से निकली ग्रीन टी प्राप्त होती है। डॉक्टर कहते हैं कि एक दिन में एक व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 3 कप ग्रीन टी पी सकता है। इससे ज्यादा ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए। इससे ज्यादा ग्रीन टी का सेवन करने पर आपको डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं ज्यादा ग्रीन टी का सेवन करने से शरीर में मौजूद कैल्शियम यूरीन के रास्ते बाहर निकलता है, अगर यह निकास ज्यादा होगा तो शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाएगी औऱ ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या पैदा हो सकती है।

ग्रीन टी को शहद (Honey) के साथ मिलाकर पीने से शरीर को बहुत फायदा होता है। इससे शरीर के टॉक्टिक तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन अच्छा होता है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद कैफीन और शहद में पाए जाने वाले विटामिन न्यूरोंस को रिवाइव करते हैं। ये दोनों मिलकर बॉडी में जमा फैट को जलाकर खत्म करते हैं। एक तरफ शहद शरीर में जमा कैलोरीज को कम करने का काम करता है, तो दूसरी ओर ग्रीन टी पाचन दर को बढ़ाकर शरीर में ऊर्जा पैदा करती है।

खाली पेट ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए। अगर आप खाली पेट ग्रीन टी पीते हैं तो आप गैस बनने की समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि एक कप ग्रीन टी में 24-25 एमजी कैफीन की मात्रा होती है। यदि कोई व्यक्ति दिन में तीन कप ग्रीन टी भी पीता तो तो उसके शरीर में इतना कैफीन चला जाएगा जिससे उसे बैचेनी, चक्कर, डायबिटीज में दिक्कत, दस्त, अनिद्रा, सीने में जलन जैसी परेशानियां उत्पन्न हो सकती है। अगर आपको अल सुबह ग्रीन टी पीनी ही है तो आप इसके साथ एक बिस्कुट खा सकते हैं।

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