नवरात्र पूजन और व्रत में सेहत से भरपूर है सिंघाड़े का हलवा

लखनऊ – नवरात्र पूजन और व्रत में ऐसा क्या खाएं, जिससे मां भगवती की आराधना भी हो जाए और कोरोना वायरस के प्रकोप से भी बच जाएं। पुराणों के अनुसार नवरात्र में व्रत का अर्थ होता है शरीर को बदलते मौसम के लिए तैयार करना।

सिंघाड़े का हलवा –  सिंघाड़े में काबरेहाइड्रेट, स्टार्च और विटामिन बी-6 की मात्र काफी होती है। इसे कच्चा और उबाल कर भी खाया जाता है, लेकिन नवरात्र के व्रत में इसका बहुत ही स्वादिष्ट हलवा बनाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले कढ़ाई में सिंघाड़े के आटे को देसी घी में तब तक भूनें जब तक यह हलवा ब्राउन न हो जाए। सिंघाड़े के आटे को भूनने में लगभग सात से आठ मिनट का समय लगेगा। इसके बाद इसमें कटे हुए बादाम और अखरोट भी डाल की भून लें। इसके बाद एक दूसरे बर्तन में पानी, शक्कर, पिसी हुई हरी इलायची और थोड़ा से देसी घी डाल कर अच्छी तरह से पकने दें। कुछ देर पकने के बाद इसके भूना हुआ सिंघाड़े का आटा डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दें।

साबुदाने की खिचड़ी – नवरात्र के व्रत में साबुदाने की खिचड़ी, खीर और कटलेट खूब खाए जाते हैं। साबुदाने से बनाए गए व्यंजन स्वादिष्ट ही नहीं, काफी पौष्टिक भी होते हैं। इसे खाने से पाचनतंत्र ठीक रहता है और इसमें पोटेशियम की मात्र अधिक होने से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। इसके कैल्शियम, आयरन और विटामिन-के की मात्र भी होती हैं। साबुदाने की खिचड़ी में मूंगफली और बादाम डालकर इसे और भी अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है। खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहने छोटे आकार के साबुदाने को अच्छी तरह धोकर पांच मिनट के लिए पानी में ही छोड़ दें। इसके बाद इसका सारा पानी निकालकर इसे पांच से छह घंटे के लिए ढककर रख दें। इसके बाद कढ़ाई में देसी घी या रिफाइंड डालकर इसके थोड़ा सा जीरा और कटी हुई हरी मिर्च डालकर भून लें। अब इसके साबुदाना, उबले हुए आलू, भूनी हुई मूंगफली और बादाम के साथ ही सेंदा नमक और स्वाद के लिए थोड़ी सा कालीमिर्च पाउडर डालकर मिक्स कर लें। बाद इसे गर्मागर्म सर्व करें

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