कम नींद लेने से बच्चे को हो सकता है मधुमेह

अब डॉक्टर सिर्फ रक्त परीक्षण कर बता सकते हैं कि बच्चे में नींद की कमी है या नहीं। एक हालिया शोध में यह खुलासा किया गया है। बच्चों को रात में कम से कम नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए जब तक वे 16 साल के नहीं हो जाते। नौ घंटे की नींद नहीं लेने से बच्चों के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है।

कम नींद से बच्चों का विकास बाधित होता है। इससे वे स्कूल और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और उनमें मोटापे व मधुमेह से ग्रस्त होने का जोखिम बढ़ जाता है। यह बताना बेहद मुश्किल है कि बच्चे को कितनी नींद मिलती है क्योंकि ये बच्चे और उसके माता-पिता पर निर्भर करता है।

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