तुलसी है बड़े काम की

वैदिक ग्रंथों में तुलसी को एक औषधि माना गया है। जो हम सभी को कई रोगों से बचाती है। क्योंकि इसमें मौजूद तत्व हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है। इसकी पत्तियों को खाने से अनेक लाभ होते है।

खांसी और सर्दी जुकाम से आराम

तुलसी की पत्तियों में ऐसे गुण होते हैं जो सर्दी-खांसी से आराम दिलाने में बहुत कारगर है। खासतौर पर तुलसी और अदरक से तैयार काढ़ा कफ को पतला करती है और बंद नाक की समस्या से आराम दिलाती है। तुलसी के सेवन से पुरानी से पुरानीखांसी भी ठीक हो जाती है।

सेवन विधि—

सर्दी खांसी से आराम पाने के लिए एक कप पानी में थोडा सा अदरक और तुलसी की कुछ पत्तियां उबालकर तुलसी का काढ़ा बना लें। थोडा ठंडा होने के बाद इसमें शहद मिलाकर दिन में दो बार इस काढ़े का सेवन करें।

मुंह के बदबू को दूर करने में सहायक

अगर आप के मुंह से बदबू आती है तब आपको तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि जब आप तुलसी के पत्तों अच्छे से चबाते हैं तब आप के मुंह से बदबू आना बंद हो जाती है।

सेवन विधि—

रोजाना सुबह और शाम को 5-6 तुलसी की पत्तियां चबाकर खाएं।

तनाव और चिंता दूर करने में सहायक

तुलसी के पौधे का हर हिस्सा एडोप्टेजेन की तरह काम करता है। एडोप्टेजेन ऐसा प्राकृतिक तत्व है जो तनाव को कम करने और मानसिक संतुलन को बढ़ाने में मदद करता है। जर्नल ऑफ़ आयुर्वेदा एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन के मुताबिक तुलसी की पत्तियों में मौजूद एंटी-डिप्रेसेंट और एंटी-एंग्जायटी क्षमताओं का असर कई एंटी-डिप्रेसेंट दवाइयों की तरह होता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार भी रोजाना तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से आप स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या से आराम पा सकते हैं।

सेवन विधि—

रोजाना सुबह और शाम को 5-6 तुलसी की पत्तियां चबाकर खाएं या इन्हें चाय में उबालकर पियें।

कंजक्टीवाइटिस से आराम

हालांकि इस बारे में वैज्ञानिक शोध कम हैं लेकिन ऐसा देखा गया है कि तुलसी के उपयोग से कंजक्टीवाइटिस (आंख आने) की समस्या से आराम मिलता है। तुलसी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण आंखों की सूजन को कम करते हैं और संक्रमण को और बढ़ने से रोकते हैं।

उपयोग विधि—

एक मुठ्ठी तुलसी की पत्तियों को गर्म पानी में 10 मिनट तक भिगोयें। उसके बाद इस पानी में रुई भिगोकर उसे आंखों पर कुछ देर के लिए रखें। जल्दी आराम पाने के लिए दिन में 3-4 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

डायबिटीज पर नियंत्रण

तुलसी की पत्तियां ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं जिससे डायबिटीज कंट्रोल में रहता है। जानवरों और इंसानों पर किये शोध से यह पता चलता है कि तुलसी के सेवन से डायबिटीज से होने वाली समस्याओं जैसे कि खून में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ना, वजन बढ़ना, हाइपरटेंशन आदि में कमी आती है। अगर आप नियमित रुप से तुलसी का सेवन कर रहे हैं तो इससे मधुमेह से बचाव होता है।

सेवन विधि—

रोजाना सुबह तुलसी की 8-10 पत्तियों को चबाकर खाएं या एक से दो बूँद तुलसी अर्क एक गिलास पानी में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें।

बुखार से आराम

तुलसी की पत्तियां हल्के बुखार से आराम दिलाने में भी कारगर है। फ्लू होने पर तुलसी की पत्तियों का अर्क पिलाने से बुखार जल्दी ठीक होता है। इसी तरह सर्दी-जुकाम में होने वाले बुखार को भी तुलसी के सेवन से जल्दी ठीक किया जा सकता है। हालांकि अगर बुखार काफी तेज है और घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

सेवन विधि
अगर आपको फ्लू की वजह से बुखार है तो तुलसी का अर्क पियें। अगर सर्दी की वजह से बुखार है तो तुलसी, अदरक और मुलेठी को पीसकर इसे शहद के साथ लें।

Facebook
Twitter
YouTube
LinkedIn