जिंदगी में गणित हर जगह मौजूद है : विद्या बालन

शकुंतला देवी के जीवन पर आधारित फिल्म शकुंतला देवी 31 जुलाई से अमेज़ॉन प्राइम पर देखी जा सकती है। गणित से ज्यादातर लोग डरते हैं, घबराते हैं, लेकिन शकुंतला देवी गणित के बड़े से बड़े सवाल चुटकियों में हल कर देती इसलिए उन्हें ह्यूमन कम्प्यूटर भी कहा जाता था। उनकी कहानी इतनी मजेदार है कि इसे बड़े परदे पर दिखाने का फैसला किया गया ताकि बच्चों के मन से गणित के प्रति डर दूर हो।

शकुंतला देवी की भूमिका बॉलीवुड की प्रतिभाशाली एक्ट्रेस विद्या बालन ने निभाया। फिल्म का एक गाना पास नहीं तो फेल नहीं लांच किया गया जिसमें विद्या बालन लगभग 6 हजार लोगों से जुड़ी। जिसमें स्कूल के प्रिंसीपल थे, टीचर्स थे, स्टूडेंट्स थे और मीडिया भी था। इस दौरान गाना भी लांच किया गया और विद्या ने बातचीत भी की।

क्या विद्या को गणित पसंद है? वे स्टूडेंट लाइफ में मैथ्‍स में कैसी थीं? विद्या ने बताया कि वे गणित में अच्छी थीं। उन्हें नंबर से खेलना पसंद है। अक्सर वे कार या बस की नंबर प्लेट्स देखती हैं और उन नंबर्स का जोड़ करती रहती हैं। उन्हें फोन नंबर भी याद रहते हैं।

क्या शकुंतला देवी के बारे में सुना था? इस विद्या कहती हैं कि जब छोटी थी तो उन्हें शकुंतला देवी के बारे में ज्यादा तो नहीं पता था, लेकिन नाम सुना था। यह जानकारी थी कि वे गणित के सवाल चुटकियों में हल करती हैं।

शकुंतला देवी के जीवन में ऐसा क्या है जो बड़े परदे पर उसे बताना चाहिए? विद्या कहती हैं, गणित से ज्यादातर लोग डरते हैं जबकि जिंदगी में गणित हर जगह मौजूद है। आप समय देखते हैं। आप खरीददारी करते हैं। आप किसी को फोन लगाते हैं तो गणित कहीं ना कहीं आता ही है। इस फिल्म से पता चलेगा कि गणित बहुत ही मजेदार है।

शकुंतला देवी की तारीफ करते हुए विद्या कहती हैं कि जब उन्होंने इस रोल के लिए तैयारी की तो शकुंतला देवी को नजदीक से जाना। विद्या के अनुसार उन्होंने ऐसी महिला नहीं देखी। शुकंतला देवी निडर थीं। ह्यूमन कम्प्यूटर थीं। उन्होंने कई किताबें लिखीं। कई देशों में गईं। मैथ्स शोज़ बड़े-बड़े लोगों के सामने किए। ज्योतिष में उन्हें महारथ हासिल थी। उन्हें जिंदगी से बहुत प्यार था। वे ड्रेसिंग अप होना, भोजन प्रेमी और डांस की शौकीन थी।

फिल्म के गाने ‘पास नहीं तो फेल नहीं’ के बारे में विद्या ने बताया कि इसे 80 बच्चों के साथ सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई में फिल्माया गया। बच्चों के साथ शूटिंग करने में बहुत मजा आया। उनकी एनर्जी और शैतानी देखते ही बनती थी। विद्या से बच्चे बिलकुल भी नहीं घबराए। शॉट के बीच ब्रेक में वे ऐ विद्या बालन सुनो ना या ऐ मिस सुनो ना कह कर बुलाते थे। बच्चे झगड़ते भी थे, लेकिन कैमरा ऑन होते ही फौरन काम पर जुट जाते थे। डांसिंग स्टेप्स तो चुटकियों में सीख जाते थे।

80 बच्चों के साथ गाना शूट किया। सेंट जेवियर्स कॉलेज में। कोई बच्चा बोलता ऐ विद्या बालन सुनो ना। ए मिस सुना ना। बच्चे भी झगड़ते थे और शॉट के वक्त सब फटाफट काम करते थे। बच्चों के साथ मैं भी एनर्जी से भर गई।

एक विद्यार्थी ने विद्या से गणित के बारे में पूछा तो विद्या ने कहा- ‘मैथ्स से क्यों डरना? इसे फन की तरह लेना चाहिए। टीचर को भी उदाहरण देकर पढ़ाना चाहिए। शकुंतला देवी ने भी मैथ्‍स को फन बनाया। उन्होंने दर्शाया कि यह बाएं हाथ का खेल है। फिल्म देख आपको समझ आएगा कि मैथ्स फन है।’

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