पेट की भूख मुझे कामयाब होने से कभी नहीं रोक पाई : मनोज बाजपेई

फिल्म इंडस्ट्री में सेलेब्स अब डिप्रेशन को लेकर खुलकर अपनी—अपनी बात रख रहे हैं। हाल ही में नेशनल अवार्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेई ने अपने स्ट्रगल के शुरुआती दिनों में सामने आई परेशानियों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

मनोज बाजपेई ने बताया कि वह उन दिनों आत्महत्या करने के काफी करीब थे, और उन्हें वड़ा पाव भी काफी महंगा लगता था। चॉल का किराया भी बड़ी मुश्किल से भर पाते थे और एक असिस्टेंट डायरेक्टर ने उनकी फोटो फाड़ दी थी।

एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा, “मैं आत्महत्या करने के काफी करीब था, इसलिए मेरे दोस्त मेरे साथ सोते थे और मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ते थे। उन्होंने मेरा साथ तब तक नहीं छोड़ा जब तक मुझे बॉलीवुड में अपनाया नहीं गया। उस साल मैं एक चाय की दुकान पर था, जब तिग्मांशु धुलिया अपने खटारा स्कूटर पर ढूंढ़ते हुए मुझे आए। शेखर कपूर मुझे ‘बेंडिट क्वीन’ में कास्ट करना चाहते थे। तो मैं तैयार हो गया और मुंबई चला गया। एक बार एक एडी ने मेरा फोटो फाड़ दिया था और मैंने एक दिन में तीन प्रोजेक्ट खो दिए थे।”

मनोज बाजपेयी ने आगे कहा, “मुझे मेरे पहले शॉट के बाद ‘निकल जाओ’ तक कह दिया गया था। मेरा चेहरा आइडल हीरो फेस जैसा नहीं था, तो उन्हें लगता था कि मैं बड़े पर्दे पर कभी नहीं आ पाऊंगा। उस समय मुझे किराया देने में काफी मुश्किल होती थी और मुझे वड़ा पाव तक महंगा लगता था। लेकिन मेरे पेट की भूख मुझे कामयाब होने से कभी नहीं रोक पाई।”

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