निर्मलांजलि में याद किये गए निर्मल दर्शन

लखनऊ  –  निर्मल दर्शन की याद में निर्मलांजलि का आयोजन किया गया तथा निर्मल दर्शन और अमन चांदपुरी पर आधारित साहित्यगन्धा के विशेषांक का लोकार्पण किया गया। ‘साहित्यगन्धा’ और ‘यूं ही’ द्वारा लखनऊ पेलेट पत्रकारपुरम में आयोजित समारोह में डॉ अखिलेश मिश्र के संचालन में काव्य समारोह आयोजित हुआ।

सरला शर्मा की वाणी वंदना के बाद अवधी कविता ‘कानून बड़ा कानूनी है’ से विनोद मिश्रा ने प्रारम्भ किया, तत्पश्चात भोजपुरी कवि सुभाष रसिया ने परेमा गीत पढ़ा। रामायण धर द्विवेदी ने ‘किस तरह पेड़ फूलें फलें जब जड़े डालियों से जलें’ पढ़ कर खूब वाह वाही लूटी। भारतीय सेना के सुनील प्रताप सिंह ने पाकिस्तान को ललकारते हुए कविता पढ़ी। चंद्रेश शेखर, संध्या सिंह,निशा सिंह नवल,सरला शर्मा ने गीत, डॉ शोभा त्रिपाठी, मंजुल मंज़र लखनवी ने ग़ज़ल तथा मुकुल महान सर्वेश अस्थाना संतोष सिंह, अरविंद झा ने व्यंग्य पढ़े।

डॉ अखिलेश मिश्र ने निर्मल दर्शन को याद करते हुए उन्ही के तरुणाई गीत पर आधारित शहनाई गीत पढ़ा तथा स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना ने निर्मल के संस्मरण साझा किए। धन्यवाद ज्ञापन लखनऊ पेलेट के ओमकार अग्रवाल ने किया विकास श्रीवास्तव व कमल पांडेय ने कवियों का स्वागत किया।

रिपोर्ट – ग्राम्य संदेश डेस्क

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