पंत के टैलेंट का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है : कीर्ति आजाद

भारतीय युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इंटरनेशलन क्रिकेट में कदम रखने के बाद से ही चर्चा में बने हुए हैं। पंत ने जब क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा तो उन्हें महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद का कहना है कि पंत प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं, लेकिन उन्हें अपने दिमाग को शांत रखना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पंत के टैलेंट का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है, जिससे उनका टैलेंट बर्बाद हो रहा है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलते हुए वह धोनी की तरह दर्शकों को मनोरंजन करने की क्षमता रखते हैं। धोनी की तरह ही पंत विस्फोटक बल्लेबाज हैं। धोनी की तरह ही पंत में भी मैच जितवाने की क्षमता है। हालांकि, ऋषभ पंत को अभी खुद को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है, खासतौर पर विकेटकीपर के रूप में धोनी की जगह पहुंचने में उन्हें समय लगेगा। बल्लेबाजी की उनकी क्षमताओं ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई है।

2019 से ही ऋषभ पंत कंसीस्टेंसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हें पांच मैचों की टी20 और 3 मैचों की वनडे सीरीज की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। न्यूजीलैंड में पंत की जगह केएल राहुल ने विकेटकीपर की भूमिका निभाई।

एक इंटरव्यू में कीर्ति आजाद ने कहा कि, ”ऋषभ पंत भावनाओं में बह जाने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वह एक अच्छे बल्लेबाज बन सकते हैं। बशर्ते वह अपने दिमाग को शांत रखें। दिक्कत यह है कि वह हर गेंद को हिट करना चाहते हैं। आपको याद रखना चाहिए कि हर मैच टी-20 नहीं होता। जब आप वनडे या टेस्ट खेल रहे होते हैं तब आप ऐसा नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा, ”रन बनाने के लिए ऋषभ पंत को अपने विकेट को अधिक महत्‍व देना होगा। आपको विकेट पर टिके रहने की कला सीखनी होगी। अगर आप विकेट पर टिके रहते हैं तो रन आपके पास आते हैं।” आजाद ने कहा, ”कुछ अच्छी गेंदें आपको आउट कर सकती हैं। मैं समझता हूं, लेकिन जब आप बड़े हिट लगाते हुए कैच आउट होते हैं। जैसा पंत के साथ हमेशा होता है, तो मुझे लगता है कि आप अपनी प्रतिभा को जाया कर रहे हैं।”

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