होम ग्राउंड पर गांगुली से बेहतर कप्तान थे धोनी : श्रीकांत

भारतीय परिस्थितियों में जब भी टीम इंडिया के अच्छे प्रदर्शन की बात होती है तो सौरव गांगुली का नाम जेहन में सबसे पहले आता है। 2001 की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गांगुली के नेतृत्व में सीरीज भारतीय टीम के क्रिकेट युग को एक बार फिर से परिभाषित करने वाली साबित हुई थी। स्टीव वॉ के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया लगातार 16 मैचों में अपराजित रहा था। ऐसे में अधिकांश लोगों को लग रहा था कि गांगुली के लिए टीम ऑस्ट्रेलिया को हराना मुश्किल होगा, लेकिन भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

गांगुली के बाद महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली का भी टेस्ट क्रिकेट जीत में अच्छा रिकॉर्ड रहा। फिलहाल भारत अपने घर पर लगातार 12 सीरीज जीत चुका है। भारत की घर में टेस्ट सीरीज में अंतिम हार 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ थी। धोनी उस समय कप्तान थे। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि घरेलू पिचों पर किस कप्तान का टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा प्रभाव रहा -गांगुली या धोनी? इस सवाल का जवाब पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने दिया है।

पूर्व भारतीय कप्तान और चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने कहा, ”गांगुली और धोनी की तुलना करना मुश्किल काम है। 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में सौरव अद्भुत थे। उस समय स्टीव वॉ की टीम को हराना आसान नहीं था।” उन्होंने कहा, ”लेकिन लंबे समय तक धोनी का प्रभाव ज्यादा रहा, क्योंकि उस समय गांगुली के पास हरभजन सिंह और अनिल कुंबले जैसे गेंदबाज थे। कुल मिलाकर निश्चित रूप से धोनी का प्रभाव अधिक रहा। धोनी के पास हरभजन और कुंबले की लग्जरी नहीं थी। यदि आप होम ट्रेक रिकॉर्ड को देखें तो धोनी, गांगुली से बेहतर थे।”

दक्षिण अफ्रीका पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने भी महेंद्र सिंह धोनी के नजरिये को लेकर उनकी प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था, ”भारत को दो विश्व कप जितवाने वाले धोनी अपने आसपास के खिलाड़ियों को कंफर्टेबल बनाते हैं। पूरी दुनिया में ऐसा कोई दूसरा कप्तान नहीं है। वह शांत और संयमी हैं।”

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