मैंने कभी भी कप्तान बनने का लक्ष्य नहीं बनाया : बेन स्टोक्स

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में जो रूट की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड की कप्तानी करने जा रहे बेन स्टोक्स ने कहा है कि कप्तानी के कारण उनके खेल पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह उसी तरह से खेलेंगे जिस तरह से खेलते हैं। स्टोक्स ने कहा कि वह बल्ले और गेंद से सकारात्मक प्रभाव छोड़ने की कोशिश करेंगे। स्टोक्स ने कहा, “मैं हमेशा सोच और समर्पण से उदाहरण पेश करना चाहता हूं। कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ मुश्किल समय में कड़े फैसले लेने का दबाव भी आता है।”

उन्होंने कहा, “हालांकि यह मेरे खेलने के तरीके को बदलने नहीं वाला है। मेरी कोशिश बल्ले और गेंद से सकारात्मक प्रभाव छोड़ने की होगी। मायने नहीं रखता कि मैं क्या करूंगा, मेरी कोशिश हमेशा सकारात्मक प्रभाव डालने की होगी।” स्टोक्स ने कहा कि कप्तान बनना उनका कभी भी लक्ष्य नहीं था।

उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी कप्तान बनने का लक्ष्य नहीं बनाया। एंड्रयू स्ट्रॉस के बाद एलिस्टर कुक का कप्तान बनना स्वाभाविक था। कुक के बाद रूट का कप्तान बनना भी स्वाभाविक था। मैं उन खिलाड़ियों में से नहीं हूं, जिसे आप अगले कप्तान के तौर पर देखें।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट वेस्टइंडीज के खिलाफ आठ जुलाई से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे, क्योंकि उन्हें दूसरे बच्चे के जन्म के कारण अपनी पत्नी के पास रहना है। रूट की गैर मौजूदगी में ऑलराउंडर बेन स्टोक्स इंग्लैंड टीम की कप्तानी करेंगे। स्टोक्स पहली बार इंग्लैंड टीम की कमान संभालेंगे।

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